रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते 02 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। जहाँ एक ओर पूरा भारत देश कोरोना महामारी के भयावह दौर से गुजर रहा है वही कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिये छ.ग. सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है। रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना महामारी से गंभीर रूप से संक्रमित व्यक्ति के जीवन रक्षक के रूप में संजीवनी के समान उभर कर सामने आयी है, परंतु कुछ तथाकथित व्यक्तियों द्वारा ज्यादा पैसे व मुनाफा कमाने की लालच में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करना प्रारंभ कर दिया गया है। इनका वश चले तो ये लाशों को भी बेच खाये। बता दें कि अस्पतालों व दवाई दुकानों में इस इंजेक्शन की कमी हो गयी है तथा कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपने पास स्टाॅक जमा कर मनमाने दामों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री कर कालाबाजारी की जा रहीं है। जिसे दृष्टितगत रखते हुये पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर अजय कुमार यादव द्वारा जिले के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सूचना संकलन व मुखबीर लगाकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों के संबंध में सूचना एकत्र कर उन पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुये इस पर अंकुश लगाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। इसी तारतम्य में कुछ दिनों से लगातार सूचना प्राप्त हो रहीं थी कि कमलेश साहू नामक व्यक्ति द्वारा खमतराई एवं रायपुरा डीडी नगर क्षेत्र में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। तथा आरोपी द्वारा इंजेक्शन अधिक दाम में बिक्री किया जा रहा है।

सूचना को पुलिस वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा गंभीरता से लेते हुये सायबर सेल की टीम को आरोपी की पतासाजी कर रंगे हाथ पकड़ने निर्देशित दिया गया। जिस पर सायबर सेल की टीम द्वारा कमलेश साहू के संबंध में पतासाजी कर सायबर सेल टीम का एक सदस्य ग्राहक बनकर कमलेश साहू से संपर्क कर रेमडेसिविर इंजेक्शन को 14,000 रूपये में क्रय करने का सौदा तय किया। कमलेश साहू द्वारा टीम के सदस्य को थाना मुजगहन क्षेत्र में इंजेक्शन देने हेतु बुलाया गया। जिस पर सायबर सेल की टीम द्वारा आरोपी को पकड़ने हेतु ट्रैप पार्टी लगाया गया तथा टीम का एक सदस्य जिससे सौदा तय हुआ था, रूपये लेकर कमलेश साहू के पास इंजेक्शन क्रय कर रहा था इसी दौरान टीम के अन्य सदस्यों द्वारा आरोपी कमलेश साहू को रंगे हाथ पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी कमलेश साहू ने बताया कि उसे रेमडेसिविर इंजेक्शन उसका साथी डेविड मनहरे जोकि श्री दानी केयर मल्टी स्पेश्यलिटी हाॅस्पिटल डूण्डा मुजगहन रायपुर में बतौर नर्सिंग स्टाॅफ के पद पर कार्यरत है के द्वारा लाकर दिया जाता है। जिस पर टीम द्वारा डेविड मनहरे को भी पकड़ा गया, पूछताछ में डेविड मनहरे द्वारा बताया गया कि श्री दानी केयर मल्टी स्पेश्यलिटी हाॅस्पिटल में जो भी कोरोना मरीज है उनके परिजनों से मरीज को लगाने हेतु रेमडेसिविर इंजेक्शन का 02 डोज मंगाया जाता था, जिनमें से 01 डोज मरीज को लगा देता था एवं 01 डोज को अधिक दाम में बिक्री करने की नियत से अपने पास रख लेता था, इस प्रकार आरोपी डेविड मनहरे द्वारा कोरोना मरीजों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ किया जाता था एवं डेविड मनहरे अपने साथी कमलेश साहू के साथ मिलकर जरूरतमंद व्यक्तियों को 12,000 से 14,000 रूपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन की बिक्री कर इसकी कालाबाजारी करते थे। दोनों आरोपियों द्वारा अब तक लगभग 01 दर्जन इंजेक्शनों की कालाबाजारी कर रूपये कमाये गये है। आरोपी कमलेश साहू 04 दिनों पूर्व ही डब्ल्यू आर एस खमतराई स्थित रेलवे हाॅस्पिटल में बतौर नर्सिंग स्टाॅफ के पद पर नौकरी ज्वाईन किया था। सायबर सेल की टीम द्वारा औषधि विभाग की टीम को बुलाकर आरोपियों की निशानदेही पर रेमडेसिविर इंजेक्शनों की कालाबाजारी कर कमाये गये रूपयों में से आरोपी कमलेश साहू के कब्जे से नगदी 45,000 रूपये तथा आरोपी डेविड़ मनहरे के कब्जे से नगदी 49,500 रूपये जुमला कीमती 94,500 रूपये, 02 नग रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं इंजेक्शन की कालाबाजारी में प्रयुक्त 02 नग मोबाईल फोन जप्त कराया गया। जिस पर औषधि विभाग की टीम द्वारा आरोपियों के विरूद्ध औषधि अधिनियम के तहत् कार्यवाही करने के साथ ही पुलिस द्वारा आरोपियों के विरूद्ध थाना मुजगहन में पृथक से प्रतिबंधात्मक धाराें के तहत भी कार्यवाही किया गया। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले कारोबारियों के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

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