लॉकडाउन में ऑनलाइन लगीं साढ़े तीन लाख कक्षाएं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की बुधवार को इस अभियान की समीक्षा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान बस्तर से लेकर सरगुजा तक के छात्रों को शिक्षा देने के लिए सरकार की ओर से शुरू ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’ अभियान में साढ़े तीन लाख कक्षाएं लगाई गईं। साथ ही वेबपोर्टल पर पाठ्य सामग्री को 29 करोड़ से अधिक पेज व्यू मिले हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को अभियान की समीक्षा की। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य के ग्रामीण एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में इंटरनेट एवं एंड्राइड मोबाइल की सुविधा के अभाव को देखते हुए ऑफलाइन शिक्षा के लिए ‘पढ़ई तुंहर पारा’ एवं ‘बुल्टू’ (ब्लूटुथ) शिक्षा व्यवस्था की भी शुरूआत की गई। सरकार के प्रयासों को प्रधानमंत्री एवं नीति आयोग सहित शिक्षाविदों ने सराहा भी है।

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम के तहत दो लाख दो हजार 45 शिक्षक और 23 लाख 13 हजार 130 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। अब तक राज्य में तीन लाख 69 हजार 672 कक्षाएं ऑनलाइन ली गई हैं। 45 हजार से अधिक शिक्षकों ने भागीदारी दी। ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने के तहत अब तक 31 हजार 792 पठन सामग्री अपलोड की गई है।

पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम में होमवर्क भी दिए जाते हैं। अब तक एक लाख 50 हजार 743 होमवर्क की विधिवत जांच शिक्षकों ने की है। सुदूर वनांचल के गांव में जहां इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पढ़ई तुंहर पारा क्लास ली जा रही है। 22 हजार 771 शिक्षक एवं शिक्षा संगवारी योगदान दे रहे हैं। इससे सात लाख 60 हजार 950 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य में लाउडस्पीकर के माध्यम से भी पारों एवं मोहल्लों में दो हजार 241 स्कूल का संचालन चार हजार 237 शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है।

Related posts

Leave a Comment