कौन बनेगा करोड़पति शो ने 90 करोड़ रुपए के कर्ज में डूबे बिग बी के जीवन मे कैसे लायी बहार

मुंबई। कौन बनेगा करोड़पति’ का 12वां सीजन आज (28 सितंबर) से शुरू हो रहा है। इस बार कोरोनावायरस महामारी के चलते शो में ऑडियंस नजर नहीं आएगी। लेकिन, इसके 77 साल के होस्ट अमिताभ बच्चन बेधड़क कंटेस्टेंट के साथ शूटिंग कर रहे हैं। शो के प्रति बिग बी के डेडिकेशन की एक वजह यह भी है कि 20 साल पहले उन्हें 90 करोड़ रुपए के कर्ज से उबारने में इस शो ने अहम भूमिका निभाई थी।

बिग बी ने एक इंटरव्यू में केबीसी को लेकर कहा था, “यह ऐसे वक्त में मेरे पास आया, जब मुझे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। प्रोफेशनली ओर फाइनेंशियली इसने केटेलिस्ट की तरह काम किया। मेरा यकीन मानिए, इस शो ने मुझे बकायादारों का भुगतान करने में बहुत बड़ी मदद की।” रिपोर्ट्स की मानें तो पहले सीजन के 85 एपिसोड्स से बिग बी ने करीब 15 करोड़ रुपए कमाए थे। जब अमिताभ को यह शो ऑफर हुआ तो उनके परिवार वाले और रिश्तेदार नहीं चाहते थे कि वे छोटे पर्दे पर काम करें। क्योंकि उन्हें लग रहा था कि टीवी पर जाने से उनकी स्टार वैल्यू कम हो जाएगी। खुद बिग बी भी इसके लिए अपना मन नहीं बना पा रहे थे।

बिग बी को कन्विन्स के लिए शो की टीम उन्हें लंदन लेकर गई और इसके ओरिजिनल (यूके) वर्जन ‘हु वांट्स टू बी अ मिलियनेयर’ के सेट पर एक दिन बिताकर चीजों को नोटिस किया। बिग बी इससे काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इसके हिंदी वर्जन के लिए इस शर्त पर हामी भर दी कि मेकर्स इसे हूबहू यूके वर्जन की तरह ही बनाएंगे।

1995 में अमिताभ ने अपनी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) की शुरुआत की थी। पहले साल में कंपनी ने 65 करोड़ रुपए का टर्नओवर अचीव किया था और 15 करोड़ रुपए के मुनाफे में रही थी। लेकिन, दूसरे साल ग्रोथ अच्छी नहीं रही।

1996 में कंपनी ने बेंगलुरु में हुई मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के मैनेजमेंट का जिम्मा उठाया और इसे करीब 4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। फिर बिग बी और उनके प्रोफेशनल मैनेजर्स के बीच मनमुटाव पैदा हुआ। इसके चलते टॉप टीम बदलनी पड़ी। कंपनी के बैनर तले बनी ‘मृत्युदाता’ जैसी फिल्में फ्लॉप रहीं और कंपनी को घाटा होता गया।

1999 में यह स्थिति आई कि अमिताभ बच्चन के पास अपने कर्मचारियों को वेतन तक देने के पैसे नहीं थे। फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का फंड अटक गया था। लोगों का विश्वास कंपनी से उठने लगा था। लेनदार बिग बी के घर आकर उन्हें गाली तक देने लगे थे। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रतीक्षा और बिग बी के दो फ्लैट की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके बाद बिग बी ने प्रतीक्षा को सहारा इंडिया फाइनेंस के पास गिरवी रख दिया था।अमिताभ बच्चन की मानें तो करीबी लोग उन्हें कंपनी बंद करने की सलाह देने लगे थे। लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। क्योंकि उन्हें लगता कि लोग कंपनी से सिर्फ उनके नाम की वजह से जुड़े हैं।

एक इंटरव्यू में बिग बी ने कहा था, “मेरे सिर पर हमेशा तलवार लटकी हुई थी। मैं कई रात सो नहीं पाया। एक दिन सुबह-सुबह मैं सीधा यश चोपड़ा जी के पास गया और उन्हें बताया कि मैं दिवालिया हो गया हूं। मेरे पास फिल्म नहीं है। मेरा घर और दिल्ली की छोटी सी प्रॉपर्टी अटैच्ड है। यश जी ने शांति से मेरी बात सुनी और मुझे ‘मोहब्बतें’ में रोल दे दिया। इसके बाद मुझे विज्ञापन, टीवी शोज और फिल्में मिलनी शुरू हुईं, जिनकी वजह से मैं अपना 90 करोड़ रुपए का कर्ज चुका पाया।”

पहले इस शो का नाम ‘कौन बनेगा लखपति’ रखा गया था और मैक्सिमम प्राइज मनी एक लाख रुपए प्रस्तावित थी। लेकिन अगले महीने ही स्टार टीवी की पैरेंट फर्म न्यूज कॉर्पोरेशन के चेयरमैन रूपर्ट मर्डोक ने इसका नाम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ और इसकी मैक्सिमम प्राइज मनी एक करोड़ रुपए करने के निर्देश दिए।पहले सीजन की अपार सफलता के बाद अमिताभ बच्चन को दूसरे सीजन के लिए साइन किया गया। लेकिन, इस दौरान अमिताभ बीमार पड़े तो शो को अचानक बंद करना पड़ा था। बिग बी की बीमारी के चलते 85 में से सिर्फ 61 एपिसोड ही शूट हो पाए थे।

अमिताभ ने शो का तीसरा सीजन होस्ट करने से इनकार कर दिया था। इसलिए यह सीजन शाहरुख खान को मिल गया था, जिसने शुरुआत अच्छी की थी। लेकिन बाद में होस्ट बदल जाने की वजह से यह फ्लॉप हो गया। यह स्टार प्लस पर टेलीकास्ट हुआ शो का आखिरी सीजन था। चौथे सीजन से ‘केबीसी’ स्टार प्लस की जगह सोनी टीवी पर शिफ्ट हो गया और अमिताभ बच्चन ने होस्ट के रूप में वापसी की। यहीं से शो ने हर सीजन के लिए टैगलाइन भी शुरू की।

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